

वो एक बिल्कुल साधारण-सा दिन था—हल्की बारिश हो रही थी और मैं बस स्टॉप पर खड़ा अपनी बस का इंतज़ार कर रहा था। आस-पास लोग अपने-अपने काम में व्यस्त थे, लेकिन माहौल में एक अजीब-सी शांति थी।
तभी मेरे पास एक बुज़ुर्ग व्यक्ति आकर खड़े हो गए। उनके हाथ में एक पुरानी-सी छतरी थी और चेहरे पर हल्की मुस्कान। उन्होंने मुझसे बस का समय पूछा,और वहीं से हमारी बातचीत शुरू हो गई। धीरे-धीरे उन्होंने अपने जीवन के छोटे-छोटे अनुभव साझा करने शुरू किए। उन्होंने कहा,
“ज़िंदगी हमेशा हमारी योजना के अनुसार नहीं चलती, लेकिन हर मोड़ पर कुछ नया सिखा जाती है।”
उनकी बातें साधारण थीं, लेकिन दिल को छू जाने वाली। बारिश तेज़ हो गई, तो उन्होंने अपनी छतरी मेरी तरफ बढ़ा दी। उस छोटे-से इशारे में एक अपनापन था।फिर उन्होंने मुझसे पूछा,
“तुम अपने जीवन में सबसे ज़्यादा क्या पाना चाहते हो?”
मैं चुप हो गया… क्योंकि शायद मैंने खुद से ये सवाल कभी पूछा ही नहीं था।
तभी बस आ गई। मैं जल्दी से उसमें चढ़ गया। अंदर बैठकर मैंने खिड़की से बाहर देखा—लेकिन वो बुज़ुर्ग वहाँ नहीं थे।
मैं हैरान रह गया… अभी तो वो यहीं थे।
बारिश अब भी हो रही थी, लेकिन उस पल मुझे ऐसा लगा जैसे वो सिर्फ मुझे एक सीख देने आए थे—और फिर चुपचाप कहीं खो गए।
उस दिन के बाद से मैंने अपने जीवन को लेकर सोचना शुरू किया।
कभी-कभी, कुछ अजनबी हमारी ज़िंदगी में आते हैं…
और बिना नाम बताए, हमें बहुत कुछ सिखा जाते हैं।
• आपको लगता है कि छोटी-छोटी मुलाकातें भी हमारी सोच बदल सकती हैं?
• अगर वो बुज़ुर्ग आज फिर आपसे मिलें, तो आप उनसे क्या पूछना चाहेंगे?
• क्या हम अपने जीवन में सच में जानते हैं कि हम क्या पाना चाहते हैं?
• क्या कभी किसी की एक छोटी-सी बात ने आपकी ज़िंदगी पर बड़ा असर डाला है?
उस दिन की वह छोटी-सी मुलाकात आज भी मेरे दिल में ताज़ा है।
कभी-कभी अजनबी लोग हमारी ज़िंदगी में आते हैं, कुछ पल ठहरते हैं, और बिना नाम बताए हमें बहुत कुछ सिखा जाते हैं।
शायद ज़िंदगी की असली खूबसूरती भी इन्हीं अनजानी मुलाकातों में छिपी होती है।
_________________________Kalpana Ki Kalam
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